Impact of Saturn in Current Scenario
शनि का मकर राशि में गोचर शनि एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं इसलिए शनि का प्रभाव धीमे,लम्बे तथा गंभीर होते है ।मकर राशि शनि की स्वग्रही राशि होने के बावजूद यहां पर इसका गोचर काफी संवेदनशील होता है।मकर राशि चतुष्पद तथा जलचर का समावेश होने से संवेदनशील राशि बन जाती है। मकर राशि में जब-जब शनि का गोचर हुआ तब-तब भारत तथा अन्य कई देशों में विपत्तियां आई है। आंतरिक सुरक्षा,ग्रह युद्ध, इकानामी क्राइसेस, बाहरी आक्रमण, सीमा पर युद्ध,महामारियों का प्रकोप होना। जैसे- महमूद गजनवी ने भारत में 2-12-1018 को भारत की यमुना नदी पार की।खूब लुटपाट मचाई। पवित्र, सुंदर,भव्य मूर्तियां को तोड़ा। पवित्र मथुरा शहर में सबसे ज्यादा क्रुरता हुई।तब भी शनि का मकर राशि में गोचर था।अति धन- जन की हानि हुई। 1666 में ग्रेट प्लेग आफ लंदन की वजह से एक लाख लोगों की मृत्यु हुई।तब भी शनि का मकर में गोचर था। 1902मे अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को से शुरू होकर पहली बार प्लेग का कहर बरपा। शनि मकर में ही थी। अप्रैल 1932 में शनि का मकर में प्रवेश हुआ।16-1-1934 को बिहार में भुकंप ।तब भी शनि का मकर में गोचर था। जनवरी 1961से1963तक शनि क...