युपी का घमासान-2022
योगी जी
5/7/1972 10:54:00 पौड़ी गढ़वाल
योगी जी की कुंडली सिंह लग्न की है।इस कुंडली में लग्नेश दशम भाव में दिग्बली होकर दशमेश तथा एकादशेश से युत होकर स्थित है।त्रिकोण भावेशों का दृष्टि संबंध है। यहां धर्माधी-कर्माधी पति योग है जिस पर वक्री पंचमेश बृहस्पति की दृष्टि है।
द्वादश भाव स्थित केतु पर शनि की दृष्टि है तथा द्वादशेश सप्तम भाव में सप्तमेश अस्त होकर भोग के बदले संन्यास की प्रवृत्ति प्रदान की 1999 में गोरखपुर मठ के महंत से दिक्षा ली।दशा- शनि/चंद्र की मिली। कारकांश लग्न में बुध और शनि दोनों स्थित होकर प्रसिद्ध व्यवसाय वाले शास्त्रिय योग की पुष्टि करते हैं।1998 मे लोकसभा का चुनाव जिते तब धनु/सिंह की दशा थी। सिंह कारकांश लग्न से चतुर्थ भाव की दशा है । कारकांश लग्न में मात्र कारक स्थित है।
चुनाव के समय दशा-केतु/गुरु/बुध का समय 16/2/2022 से 5/4/2022 तक रहेगा। महादशा केतु बारहवें भाव में स्थित है जो प्रतिकूल है तथा बृहस्पति बेहतर स्थिति में है क्योंकि यह चतुर्थेश-नवमेश-दशमेश से दृष्टि संबंध में है। प्रत्यंतर दशा बुध की स्थिति भी चतुर्थ से बनी है। नवांश में केतु चतुर्थ भाव में , बृहस्पति तथा बुध तृतीय भाव में है।जो स्थिति को थोड़ा कमजोर करतें हैं।
चर दशा- चुनाव के समय 11/10/6 तथा परिणाम के समय 11/10/5 की है। दोनों ही अनुकुल है।
गोचर में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कठिनाइयों को दिखा रहा है।
अखिलेश यादव-
इस कुंडली में राजयोग योगी आदित्यनाथ के मुकाबले में कमजोर है। लग्नेश मारक भाव में द्वादशेश युत है ।चतुर्थेश राहु से युत अष्टमेश से दृष्ट है।
दशा - बृहस्पति/शुक्र/राहु की है।दशा का संबंध चतुर्थ भाव से है।अन्तर दशा नाथ शुक्र द्वादश भाव में द्वादशेश से राशि परिवर्तन में है।
नवांश में भी द्वादश भाव का संबंध है।
चर दशा- 11/8 दोनों राशियों से मात्र कारक की स्थिति उत्तम है । परंतु कुंभ की अनुकुल दशा अक्टुबर में समाप्त हो रही है।मीन से दशम स्थित ज्ञाति कारक काफी परेशानी को दिखा रहा है।
गोचर की स्थिति उत्तम है।ये सभी चीजे योगी जी को टक्कर देगी ।
फिर भी भाजपा की सरकार संभावनाएं प्रबल है।
बहुत अच्छा अनुमान
ReplyDeleteधन्यवाद 🙏
ReplyDeleteउत्तम विश्लेषण 👍
ReplyDeleteSatik Vishleshan.����
ReplyDeleteसटीक भविष्यवाणी
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