Sun enter in Kumbh and it's after effects

कुंभ संक्रांति चार्ट -
13/2/2022 सुबह 3 बजकर 28 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यहां पर धनु लग्न उदित हो रहा है जो भारतवर्ष की कुंडली का अष्टम भाव है। इस कुंडली में लग्न में दो शुभ ग्रह तथा लग्नेश सूर्य से युत होकर तृतीय भाव में है। शनि द्वितीयेश होकर सप्तमेश-दशमेश से युति में है,यह द्वितीय भाव में है। आर्थिक स्थिति तथा उद्योग धंधे- आर्थिक दृष्टि से देखें तू शनि बुध की युति द्वितीय भाव में है जो राजकोष में वृद्धि कारक रहेगी विदेशी व्यापार से लाभ, कृषि से लाभ ,इसके अलावा मजदूर वर्ग ,मिडियेटर जैसे ब्रोकर आदि के कार्य करने वालों के लिए फायदा रहेगा। जो व्यक्ति लेखन या कलात्मक या रचनात्मक कार्य कर रहे हैं। उनके लिए भी यह महीना अच्छा है। क्योंकि पंचमेश मंगल एकादशेश शुक्र से युत होकर चंद्रमा से दृष्ट है तथा लग्नेश तृतीय भाव में है। स्वास्थ्य - स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो दो शुभ ग्रह केंद्र में है तथा चंद्रमा भी शुभ प्रभाव में है तथा लग्नेश भी तृतीय भाव में शुभ प्रभाव में है जो देश के उत्तम स्वास्थ्य को इंगित करता है।6, 8,12 भावेशों का प्रभाव लग्न पर है जो यह दर्शाता है कि परिस्थितियां इतनी आसान भी नहीं होगी इसलिए सावधानी जरूरी है‌। धार्मिक- धार्मिक गतिविधियों पर दृष्टि डालें तो धार्मिक उन्माद नहीं दिख रहा है। नवमेश सूर्य लग्नेश से युति में है जिस पर कोई पाप प्रभाव नहीं है ।गुरु सूर्य की युति कुंभ राशि में राम मंदिर की गतिविधियों में तेजी के साथ सनातन धर्म के प्रभाव को प्रदर्शित करती है। कहीं न कहीं बैंगलोर में कालेज छात्रों द्वारा उठाया जा रहा हिजाब न पहनने का मुद्दा गति पकड़ सकता है। मौसम- चुंकि सूर्य मौसम का संचालन करता है इस समय धनिष्ठा नक्षत्र है जो अमृत नाड़ी है।यहां पर बृहस्पति शतभिषा नक्षत्र में जो जल नाड़ी है। बुध तुरंत मौसम में परिवर्तन का कारक है उत्तराषाढा नक्षत्र में है यह भी नीर नाड़ी है, शनि की युति में है। शनि अमृत नाड़ी में है, जो सौहार्द पूर्ण मौसम के साथ ठंडक बनाएं रखेगा। यहां चंद्र-शुक्र की युति जो दो जलीय ग्रह है का संबंध बन रहा है यह कहीं न कहीं वर्षा का संकेत देता है। राजनीतिक गतिविधियां - सरकार के प्रयास सकारात्मक रहेंगे, कहीं न कहीं राम मंदिर मुद्दे का फायदा भी सरकार को मिलता हुआ दिख रहा है। हालांकि लग्न पर 6,8,12 भाव का प्रभाव आंतरिक षड्यंत्र को भी दिखा रहा है। राशि संघटना चक्र में राहु, शनि, मंगल का वेध नहीं हो रहा है।जो यह स्पष्ट करता है कि विदेशी ताकतें प्रभावी हो सकती है।पर लग्नेश तथा दशमेश का शुभ प्रभाव में होना एक बहुत बड़ा बचाव है।

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