राहु गोचर का विभिन्न राशियों पर प्रभाव
राहु का मेष में गोचर का विभिन्न राशियो तथा लग्नों पर फल -
राहु मेष राशि में तारिख 17/3/2022 सुबह 6:21:30 को प्रवेश कर रहे है तथा 29/11/2023 तक रहेगें। प्रवेश के समय गोचर का चंद्रमा सिंह राशि में होगा।
आइए जानने का प्रयास करते हैं कि गोचर,वेध तथा मूर्ति निर्णय पद्धति द्वारा राहु क्या परिणाम दे सकता है ?
चुंकि राहु को शास्त्रों में क्रुर ग्रह माना है। यह लग्न तथा चंद्रमा से तीसरे, छठे तथा ग्यारहवें भाव में अच्छा फल देता है। यदि गोचर वश इस समय क्रमशः बारहवें भाव,नवम भाव तथा पंचम में कोई भी ग्रह आता है तब राहु फल देने में असमर्थ होता है। मिथुन, वृश्चिक, कुंभ राशियों के लिए राहु क्रमशः ग्यारहवें, छठे तथा तीसरे भाव में उत्तम फल देगा तो वहीं कब वेध होने से परिणाम नहीं मिलेंगे। तथा मूर्ति निर्णय से इन राशि वालों को कितनी बाधाएं आ सकती है।
मेष, वृषभ,कन्या से क्रमशः चंद्र के ऊपर,द्वादश,अष्टम में होगा ख़राब परिणामों का द्योतक है। यहीं वृषभ तथा कन्या के लिए राहु मूर्ति निर्णय में भी लौह मूर्ति बनाकर गोचर करेगा जो खराब रहेगा। इन लग्न वालो की दशा यदि अच्छी है तो ख़राब फल कम होने की संभावनाएं बनती है।
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1. मेष राशि - यहां चंद्रमा पर राहु का गोचर होगा जो अकारण व अनायास वैर-विरोध या झगड़ा कराता है। कभी पत्नी से मन-मुटाव, सुख की हानि करता है तथा स्थायी निवास का अभाव पाता है।धन- संपत्ति में बाधा देता है। चंद्रमा मन - मस्तिष्क का कारक है। अतः मानसिक तनाव , भटकाव , डिप्रेशन, किसी भी प्रकार के अनैतिक कार्य के प्रति रुझान, अत्यधिक संवेदनशील बना सकता है। अतः मेष राशि वाले सावधान रहें।
2- वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए राहु का गोचर बारहवें भाव में होगा। अवांछनीय स्थानान्तरण या स्थान परिवर्तन से धन व सुख की हानी ।रक्त विकार , दुष्ट लोगों से भय,अर्थाभाव आदि देता है।
वृषभ राशि वालों के लिए यहां राहु लौह मूर्ति बनाकर असफलता, रुकावटें प्रदान करेगा।
3- मिथुन राशि - यहां मिथुन राशि से एकादश भाव में राहु का गोचर होगा। महिलाओं के सहयोग और विदेश या दूर देश की यात्रा से सुख सफलता और लाभ देता है। वह विविध प्रकार के सुख पाता है तथा स्वर्णाभूषण या वैभव सामग्री में पूंजी लगाता है। 19 अक्टूबर 2022 को शुक्र तुला में प्रवेश करेंगे ,15अक्टुम्बर 2022 को सूर्य भी तुला में होगा ये दोनों वैध उत्पन्न करेंगे इसलिए इस राशि या लग्न वालो के लिए 15/10/2022 से 15/11/2022 तक राहु विपरित फल देगा अतः सावधान रहें।
मिथुन राशि वालों के लिए ताम्र मूर्ति बनाकर राहु कुछ बाधाएं देगा।
4- कर्क राशि - कर्क राशि वालो के लिए राहु का गोचर दशम भाव में होगा।यह गोचर कार्य क्षेत्र में अवनति, अस्थिरता व हानि देता है। तीर्थयात्रा से मन को शांति मिलती है। कभी कुसंगति से जातक धन हानि, अपयश और मानसिक क्लेश पाता है।
रजत मूर्ति बनाकर राहु कुछ शुभता भी देगा।
5- सिंह राशि- सिंह राशि से नवम भाव में राहु का गोचर रहेगा।भाई-बहन से मतभेद या वैर-विरोध कराता है। कभी दुर्जन की मित्रता व अनीतिपूर्ण कार्य से आजीविका क्षेत्र में असफलता देता है। लम्बी और लाइलाज बीमारी से कष्ट।
सिंह राशि वालों के लिए राहु स्वर्ण मूर्ति बनाकर गोचर करेगा जो कार्यों में सफलता प्राप्त करायेगा। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
6- कन्या राशि - कन्या राशि वालो के लिए अष्ठम भाव में राहु का गोचर मृत्यु भय या आयुष्य को संकट देगा । जातक अपमान और अपयश देगा। कभी मित्र, पुत्र या पत्नी को कष्ट होता है। कोई जातक दुष्टजन या नीचजन की संगति से अनीतिपूर्ण राह पकड़ लेता है। सज्जनों की निंदा और विरोध करना उसे अच्छा लगता है। धन की हानि होती है। कभी विष संक्रमण या विषैले जीव के काटे जाने से व्याधि तथा पीड़ा हो सकती है। कन्या राशि वालों के लिए राहु लौह मूर्ति बनाकर गोचर करेगा जो कार्यों में असफलता तथा बाधाएं देगा ।
कन्या राशि वाले सावधान रहें।
7- तुला राशि- इस राशि या लग्न से सप्तम भाव पर राहु का गोचर पत्नी तथा महिलाओं के प्रति भ्रान्तिपूर्ण अवधारणा, पूर्वाग्रह या गलतफहमी से दुःख और क्लेश देता है। कभी आकस्मिक संकट या परिस्थितियों में अवांछित बदलाव जातक को बहुत अधिक परेशानियाँ दे सकता है।
तुला राशि वालों के लिए राहु स्वर्ण मूर्ति बनाकर गोचर करेगा जो कार्यों में सफलता प्राप्त करायेगा। यूके कार्य बनेंगे पर महिलाओं से सावधान रहें।
8- वृश्चिक राशि - इस राशि वालो के लिए षष्ठ भाव पर राहु का गोचर धन लाभ, स्त्री सुख तथा पश्चिम दिशा सफलता और सम्मान देता है। वह ऋण तथा रोग से मुक्त होकर धन और आरोग्य लाभ पाता है। नए कार्यों का शुभारंभ आशा और उत्साह जाग्रत करेगा । इस गोचर को सभी ने शुभ माना है। सूर्य कर्क राशि में 17जुलाई को प्रवेश करेंगे अतः 17/7 से 15/8 तक कुछ नया काम करे शेष यह गोचर ठीक रहेगा।
9- धनु राशि - धनु राशि वालो के लिए राहु का गोचर पंचम भाव पर होगा। यहां पर राहु का गोचर जातक की विश्वसनीयता व कर्तव्यनिष्ठा पर प्रश्न चिह्न लगाता है। जातक के नियोजक और वरिष्ठ अधिकारी उससे रुष्ट होकर जातक की अवहेलना करते हैं। पंचम भाव हमारी बुद्धि को इंगित करता है अतः भ्रम, सही अनुमान न लगा पाना, प्रेम संबंधों की तरफ आकर्षित हो सकता है।कभी किसी महिला से वैमनस्य, अपमान और अपयश देता है। कोई जातक बंधु-बांधवो की और से चिन्तित होता है। जातक को जटिल व कठिनता से पहचान में होने वाला रोग देता है। कभी दांपत्य जीवन में तनाव, अलगाव का कारण बनता है।
10- मकर राशि - मकर राशि वालों के लिए राहु गोचर चतुर्थ भाव पर होगा शास्त्रो में इसे अच्छा नहीं माना है।यह गोचर सुख शांति नष्ट कर मन को संताप देता है। कभी उदर रोग व नेत्र पीड़ा से परेशानी होती है। माता को संकट व मृत्यु भय होता है।
यहां मुर्ति निर्णय पद्धति में राहु लौह मूर्ति बनाकर कार्यों में कार्यो में विलंब , असफलता भी देगा।
11-कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए राहु का तीसरे घर में होगा पर राहु का गोचर आर्थिक लाभ तथा विवाह या दांपत्य सुख की संभावना देता है। जातक के रोग-शोक मिट जाते हैं तथा उसके प्रयास सदा फलदायी (शीघ्र परिणाम देने वाले) होते हैं।एस शास्त्र कहते हैं। परंतु किसी भी गृह का गोचर यदि मीन राशि में रहेगा तो यहां पर राहु के शुभ परिणामों के लिए बाधक होगा। अप्रैल बृहस्पति मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यहां मुर्ति निर्णय पद्धति में राहु ताम्र मूर्ति बनाकर कार्यों में कुछ बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।
12- मीन राशि - मीन राशि वालों के लिए राहु का गोचर पत्नी या पुत्र को संक्रमण का भय देता है। कभी असंयत, कटु या व्यंगात्मक वाणी से बचें ये कलह-क्लेश बढ़ा सकती है। कोई जातक दंत रोग से पीड़ा पाता है। कभी कपट जाल में फंस कर ठगे जाने से धन का नाश होता है।
पर यहां यहां मुर्ति निर्णय पद्धति में राहु स्वर्ण मूर्ति बनाकर कार्यों में सफलता भी देगा।

Wowwww Nice!❤️❤️
ReplyDeleteThank you 😊❤️
DeleteMind blowing
Delete🙏🙏❤️❤️
DeleteBadiya Madam����
ReplyDeleteThank you Dharmendra ji 🙏🙏😊
DeleteAati Uttam vichar avam behtreen vyakhya ����
ReplyDeleteReeta ji bahut bahut aabhar ❤️🙏🙏
Deleteसटीक विश्लेषण
ReplyDeleteइन्दु जी बहुत बहुत धन्यवाद ❤️🙏🙏
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